भुंतर, । प्राकृतिक आपदाओं और लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्तोचा–चतराणी सड़क की हालत बेहद दयनीय हो गई है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क को आपातकालीन जोन घोषित करने की मांग उठाई है।
समस्या के समाधान को लेकर 6 अप्रैल को सरानाहुली में गांव गजमोड़, सरानाहुली, गूजूराशोरन, गुराराशोरन, बरेगूराशोरन, कुफरीधार, बलगाणी, गुरुबेहड़, धारा और चतराणी के ग्रामीणों की एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी झावे राम ने की। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त कुल्लू से सड़क की समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि रतोचा से आगे सड़क वर्ष 2023-24 से लेकर 2025-26 तक लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर पैदल चलना भी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना, राशन एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं गांव तक लाना और सेब व सब्जियों को मंडियों तक पहुंचाना बेहद कठिन हो गया है। कई किसानों की फसल खेतों और घरों में ही खराब हो चुकी है, जिससे पिछले तीन-चार वर्षों से ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो इस वर्ष भी सेब और सब्जियां मंडी तक नहीं पहुंच पाएंगी, जिससे लोगों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही सरानाहुली और गजमोड़ गांवों में कुछ मकानों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। वही बचित्र व रोशन लाल का भी आपदा में भारी नुकसान हुआ हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क के आरडी नंबर 365 से 500 तक के हिस्से का तत्काल निरीक्षण करवाकर इसे आपातकालीन जोन घोषित किया जाए तथा लोक निर्माण विभाग को युद्धस्तर पर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जाएं।
जनता को उम्मीद है कि जिला प्रशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित करेगी, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही, खेती-बाड़ी और स्वास्थ्य सेवाएं फिर से सुचारू हो सकें।
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रतोचा –चतराणी सड़क की हालत खस्ता, ग्रामीणों ने प्रशासन से आपातकालीन जोन घोषित करने की मांग की