कुल्लू,| जिला कुल्लू में ई-वाहनों को बढ़ावा मिलने के बाद अब ई-रिक्शा भी रोजगार का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है। रघुनाथपुर निवासी सुरिंदर वर्मा ने जिले का पहला ई-रिक्शा अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल की, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
पहले पेट्रोल ऑटो चलाने वाले सुरिंदर वर्मा को ईंधन पर भारी खर्च उठाना पड़ता था, लेकिन ई-रिक्शा अपनाने के बाद उनका खर्च काफी कम हो गया है। उन्होंने बताया कि बिजली से चलने वाला यह वाहन सस्ता, आसान और पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार की **“राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना”** की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। इस योजना के तहत ई-रिक्शा और ई-टैक्सी खरीदने पर 50% तक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत वर्ष 2026–27 में 500 युवाओं को ई-रिक्शा और 500 युवाओं को ई-टैक्सी पर सब्सिडी देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करोड़ों रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी जाएगी।
यह योजना न केवल युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ रही है, बल्कि प्रदेश में स्वच्छ और हरित परिवहन को भी बढ़ावा दे रही है।
कुल्लू में ई-रिक्शा से बदल रही किस्मत: सुरिंदर वर्मा बने मिसाल, सरकार की योजना से बढ़ी आमदनी