कुल्लू सहकारिता के युग पुरुष ठाकुर वेदराम की जयंती के उपलक्ष्य पर भुट्टिको सभागार में भव्य काव्य संध्या के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। हर वर्ष की भांति इस बार भी प्रसिद्ध कवि पुरोहित चंद्रशेखर बेबस की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. रोशन लाल रहे, जबकि अध्यक्षता पूर्व मंत्री एवं भुट्टिको के चेयरमैन सत्य प्रकाश ठाकुर ने की। काव्य संध्या की शुरुआत दर्शिल ठाकुर की कविता "कर्मयोगी ठाकुर वेदराम" से हुई।
स्वर कोकिला सरला चंबियाल ने अपने गीत “भुट्टि वीवरा वै ऐजा” के माध्यम से पारदर्शी आर्थिक कमाई का संदेश दिया। रेखा शाही, प्रोफेसर सतीश कौड़ा, लगन ठाकुर और कवयित्री इशिता राजन ने अपनी-अपनी कविताओं से सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विषयों को छुआ।
देवेंद्र गौड़ ने पंजाबी में लुधियाना की बदलती पहचान पर कविता प्रस्तुत की, वहीं गणेश गन्नी ने "एक सपना सहकार का" के माध्यम से सहकारिता की भावना को उजागर किया। कार्यक्रम में विवेक शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, रमेश ठाकुर, धनेश गौतम, फिरासत खान, कुमुद शर्मा, भूपेंद्र, प्रोमिला ठाकुर, जय प्रकाश शर्मा, पी.सी. वौध, यतिन पंडित, बुद्धि सिंह प्रभाकर और शकुंतला देवी सहित कई कवियों ने अपनी रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजक डॉ. सूरत ठाकुर ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने ठाकुर वेदराम और पुरोहित चंद्रशेखर बेबस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
अध्यक्ष सत्य प्रकाश ठाकुर ने बताया कि काव्य संध्या के साथ जयंती समारोह का शुभारंभ हो चुका है और 21 अप्रैल को इसी सभागार में ठाकुर वेदराम अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।
इस दौरान पूर्व निदेशक शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश डॉ. अमर देव और उनकी पत्नी को भी सम्मानित किया गया। साथ ही पुरोहित चंद्रशेखर बेबस के परिजनों और सभी कवियों को भी सम्मानित किया गया।
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कुल्लू में ठाकुर वेदराम जयंती का आगाज़, भुट्टिको सभागार में सजी भावनात्मक काव्य संध्या