कुल्लू, 23 अप्रैल 2026 – पर्यावरण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए जिला पर्यावरण समिति की बैठक गुरुवार को उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में रांगड़ी स्थित लीगेसी वेस्ट से हो रहे रिसाव को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यहां कम्पोस्टिंग सुविधा विकसित करने और दुर्गंध को कम करने के लिए मियाबा व अन्य सुगंधित पौधों के रोपण पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने पिरड़ी में लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए वेस्ट की मात्रा और घनत्व का पुनर्मूल्यांकन कर टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। जिला के कांडीधार, धाऊगी समेत विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित एमआरएफ साइट्स की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
उन्होंने सभी शहरी निकायों और बीडीओ को प्रत्येक साइट की आर्थिक व्यवहार्यता और संचालन लागत का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। कूड़ा स्रोत पर ही पृथक्करण सुनिश्चित करने, खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर चालान करने और ग्राम पंचायतों को इसके लिए नियम बनाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त ने ठोस अपशिष्ट का शत-प्रतिशत संग्रहण, घर-घर कूड़ा एकत्रीकरण और गीले-सूखे कचरे के सही निष्पादन पर जोर दिया। साथ ही घरेलू और खतरनाक अपशिष्ट के निपटान के लिए भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला में 68 बड़े अपशिष्ट उत्पादकों की पहचान की गई है। ई-वेस्ट संग्रह के लिए नगर पंचायतों में विशेष दिन निर्धारित करने और सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती से प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा कूड़ा डंपिंग वाले स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने, हॉटस्पॉट की सफाई करने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मनाली, लंका बेकार और भूतनाथ के ग्रेडेशन की जानकारी भी साझा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला उपायुक्त अश्वनी कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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कुल्लू में पर्यावरण प्रबंधन पर सख्ती: रांगड़ी वेस्ट साइट सुधार और कूड़ा पृथक्करण पर जोर