भुंतर | रतोचा–चतराणी सड़क की दयनीय हालत को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरी चिंता बनी हुई है। पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान रतोचा और धारा के बीच हुए भूस्खलन ने सड़क मार्ग को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है।
सड़क बंद होने के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को राशन और जरूरी सामान पीठ पर ढोकर ले जाना पड़ रहा है, वहीं बीमार और बुजुर्गों की आवाजाही भी बेहद कठिन हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क बंद होने से बच्चों की स्कूल तक पहुंच, किसानों और बागवानों की आजीविका तथा आपातकालीन सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। वाहन आवाजाही ठप होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
समस्या के समाधान को लेकर कुछ दिन पहले ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार से भी मिला और सड़क बहाली की मांग रखी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई है, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है।
स्थानीय निवासी झावे राम और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कई महीनों से सड़क अवरुद्ध रहने के कारण किसानों और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और रतोचा व धारा के बीच जल्द से जल्द अस्थायी बैली ब्रिज का निर्माण किया जाए, ताकि प्रभावित गांवों की आवाजाही बहाल हो सके।
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रतोचा–चतराणी सड़क बदहाल, भूस्खलन से कई गांवों का संपर्क टूटा – ग्रामीणों ने उठाई बैली ब्रिज की मांग